Friday, August 19, 2016

कुछ खट्टे मीठे पलों की दे रही हूँ ये यादें ...



कुछ खट्टे मीठे पलों की 
दे रही हूँ ये यादें ,
उम्मीद है संभाल  के रखोगे !
ज़िन्दगी की इस दौड़ में 
इस दोस्त को तो याद रखोगे !
कहने के लिए तो बहुत कुछ है 
मगर अभी के लिए 
बस इतना ही कहना है... 

"खुद पे रखना भारोसा 
न ही कभी उम्मीद खोना 
हालातों से हारना आशां है मगर 
नामुंमकिन तो नहीं... 
सब मिल जाएगा वक़्त पे 
बस हौंसले के साथ 
आगे बढ़ते रहना !!"




Thursday, August 11, 2016

चाँद से भेजी है ...

चाँद से भेजी है 
थोड़ी सी चाँदनी 
तुम्हारे लिए 
अगर वक़्त मिले 
तो खिड़की का 
पर्दा उठा के 
देख लेना !!! 






Friday, July 29, 2016

तेरा अल्लहड़पन याद आएगा...






तेरा अल्लहड़पन याद आएगा,
तेरी ये अनसुलझी बातें याद आएंगी !
तेरे संग बिताये इन लम्हों में,
तेरी महकी सी याद आएगी !
कह नहीं सकती कि तू दिल के करीब है कितना,
तेरे संग गुजरा हर लम्हा याद आएगा !
तेरी ये बातें ये मुलाकातें
सबकुछ संभाल के,
रखूँगी इस दिल में ! 
जा रही है तू यहाँ से .. 
मत समझ जा रही है तू दिल से,
बस पंख खोल के उड़ना 
इस खुले आसमाँ  में !
ज़मी तेरी है और ये आसमाँ  भी तेरा है...  
बस बुन लेना सपनो की चादर को ,
और उड़ जाना इस खुलेआसमाँ में !!

Thursday, July 14, 2016

क्यों खामोश हैं ये रातें ...


क्यों कुछ नहीं बोलती ये रातें 
क्यों नहीं करती हैं ये बातें 
शाम की सुहानी छांव के बाद 
माना हंसी हैं ये रातें 
चाँद की रौशनी में डूबी 
शबनमी ये रातें 
पर कभी कभी ये ख़ामोशी भी 
बड़ी बेगानी सी लगती है 
अनजाना है कोई वो 
जिसके बारे में गुफ्तगू करनी है 
इन रातों से... 
पर न जाने 
क्यों कुछ नहीं बोलती ये 
आखिर क्यों खामोश हैं ये रातें !!!


Thursday, June 16, 2016

रात कैसे गुजर गई ...


रात कैसे गुजर गई 
चाँद निहारते निहारते 
वक़्त का कुछ पता न चला !

इतनी कशिश न तुम्हारी बातों में थी 
न ही तुम्हारी यादों में 
जो हमें पूरी रात जगा सकते !!!

Sunday, June 12, 2016

दिल टूटने का ज़िक्र हम करना नहीं चाहते ...

दिल टूटने का ज़िक्र हम करना नहीं चाहते
तुम्हारी यादों के साये में हम रहना नहीं चाहते
वक़्त रहते ही संभलने की कोशिश करेंगे हम
इस खुदगर्ज़ दुनिया में बेवक़्त मरना नहीं चाहते हम !!!

Wednesday, June 01, 2016

डरती हूँ ...

सीप में  मोतियों की तरह
सजाया है तुझे इस दिल में
डरती हूँ  कि  कहीं
तुझे कोई चुरा न ले !!! 

Monday, May 16, 2016

नाज़ुक रिश्ते...

वक़्त रहते ही रिश्तों को संभाल लेना चाहिए 
क्योंकि इनकी उलझन भी बड़ी अजीब होती है 
जरा सी चूक होते ही 
अक्सर टूट जातें हैं !!


Tuesday, May 03, 2016

कल की सोंच में...

जब तुमसे कुछ कहने के लिए 
तुम्हारे पास आना चाहा 
तुम्हारे पास वक़्त ही न था .. 
जब तुम्हारी पनाहों में आकर 
कुछ वक़्त गुजारना चाहा 
तुम्हारे पास वक़्त ही न था .. 
हम वक़्त के ऐसे मोहताज़ क्या हुए 
कि  अब वक़्त आया तो 
न कुछ कहने को है 
न ही कुछ सुनने को !!!

Sunday, April 10, 2016

यहाँ खुद मिटकर खुद को पाना होता है...

ये दुनिया बड़ी अजीब है 
यहाँ खुद मिटकर खुद को पाना  होता है
लोगों की इस भीड़ में 
एक झूठा चेहरा दिखाना होता है 
खुद को गवां बैठे हैं हम 
कुछ कर दिखाने के चक्कर में 
हम तो बदलना नहीं चाहते थे 
हमें तो हालातों ने बदला है 
हम तो यह भी भूल चुके हैं... 
कि क्या बनने आये थे 
और क्या बन गए के रह गए हैं 
ज़िन्दगी की इस भागदौड़ में 
सही तो कहा है किसी ने 
कि यहाँ खुद मिटकर 
खुद को पाना  होता है !!!