Saturday, July 20, 2013

अगर तुम न होते …

अगर तुम न होते
तो न होती उम्मीदें
न होते कोई ज़ज्बात

अगर तुम न होते
तो न होती चाहतें
न होते कोई रिश्ते

अगर तुम न होते
तो न होती आशाएं
न ही होते ये सपने

अगर तुम न होते
तो न धड़कता ये दिल
न ही होता ये प्यार

अगर तुम न होते
तो न होते ये ज़ख्म
न ही होता ये दर्द

अगर तुम न होते
तो न होता ये रूश्वाई का मंज़र
न होते इस दिल के टुकड़े हज़ार !!




7 comments:

  1. बहुत ही बढ़िया


    सादर

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  2. नमस्कार आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (21 -07-2013) के चर्चा मंच -1313 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ

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  3. अगर तुम न होते-शायद जिंदगी में कुछ ना होता -बहुत खूब
    latest post क्या अर्पण करूँ !
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  4. बहुत ही बढ़िया

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  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    साझा करने के लिए शुक्रिया!

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  6. ....खुद में ही लिप्त...प्यारी सी कविता है

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  7. कोई जीवन में किस हद तक वाबस्ता हो जाता है ...है न...

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