Friday, September 14, 2018

कमजोर नहीं हैं हम ...




कमजोर नहीं हैं हम 
हम तो वो बहती हवा हैं 
जो नदियों का रुख बदल देतीं हैं !
जो आँधियों से नहीं डरती 
हिमालय की तरह सर ऊँचा कर 
हर तूफाँ  से टकराने को तैयार हैं !!


5 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (15-09-2018) को "हिंदी पर अभिमान कीजिए" (चर्चा अंक-3095) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हिन्दी दिवस की शुभकामनाओं के साथ...।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. बहुत खूब

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  3. बहुत खूब

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  4. एकदम सच कहा हैं

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  5. सुन्दर पंक्तियाँ

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