Tuesday, October 04, 2016

सूरज ने कभी...




सूरज ने कभी जद्दोज़हद नहीं की चाँद से 
बस हौले से बोल दिया,
जब कभी बदली छाये मुझपे 
तो तुम चुपके से आ जाना !!

4 comments:

  1. जय मां हाटेशवरी...
    अनेक रचनाएं पढ़ी...
    पर आप की रचना पसंद आयी...
    हम चाहते हैं इसे अधिक से अधिक लोग पढ़ें...
    इस लिये आप की रचना...
    दिनांक 05/10/2016 को
    पांच लिंकों का आनंद
    पर लिंक की गयी है...
    इस प्रस्तुति में आप भी सादर आमंत्रित है।

    ReplyDelete
  2. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 6-10-16 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2487 में दिया जाएगा
    धन्यवाद

    ReplyDelete