Saturday, September 16, 2006

चाँद

सोचती हुँ कि गर वो पराया है तो अपना क्या है,
शाम से चाँद तो साथ है मेरे ,
फिर आज आसमान में निकला क्या है ?

कहाँ जायेंगे ?

तेरा प्यार हम इस तरह निभायेंगे,
तुम रोज खफा होना,हम रोज मनायेगें
पर मान जाना मनाने से तुम,
वरना ये भीगी पलके ले कर कहाँ जायेंगे हम ?

जिंदगी,..

फूल बन कर मुस्कुराना जिंदगी है,
मुस्कुरा कर गम भुलाना जिंदगी है,
मिल कर खुश हुऎ तो क्या हुऎ,
बिना मिले रिश्ते निभाना जिंदगी है ।

इक तमन्ना ,..

नम पलकों के साये में छुपा लें आपकॊ,
मन करता है कि जहाँ से चुरा लें आपको,
क्या पता हम रहे ना रहे इस जहाँ में,
इन्ही सासोँ कि खुशबु में बसा लें आपको ।

मुशकिल,..

चलते हुऎ तुफ़ान को रॊक पाना है मुशकिल,
टूटॆ हुऎ शीशॆ को जोड पाना है मुशकिल,
दिल आपको याद करता है कितना,
कुछ पंक्तियॊं में लिख पाना है मुशकिल ।

जन्नत,..

महक दोस्ती की इश्क से कम नही होती,
सिर्फ़ इश्क पर दुनिया खत्म नही होती,
साथ अगर हो जिंदगी में आप जैसे का,
जिंदगी जन्नत से कम नही होती ।

एक गुजारिश,..

हमें अपने दिल में बसाये रखना, हमारी यादों के चिराग जलाये रखना,
बहुत लम्बा है सफ़र जिंदगी का,एक हिस्सा हमें भी बनाये रखना ।

बदला,..

बदला वफ़ा का देंगे बडी सादगी से हम,
तुम हमसे दूर जाओगे,और जिंदगी से हम ।

यादें ,..

आज हम यहाँ,कल हमारी यादॆं होंगी
जब हम ना होंगे,तब हमारी बातें होंगी,
कभी पलटोगे जिंदगी के ये पन्नॆ,
तो शायद आपकी आखोँ से भी बरसातॆ होंगी ।